स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) एमबीसी पीजी राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाड़मेर की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षा हैं। स्वरूपी सुथार ने साल 2019 में इस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव जीता था। वर्तमान में स्वरूपी सुथार इसी महाविद्यालय में एक सक्रिय छात्र नेता के रूप में काम कर रही हैं। आज इस लेख में हम आपको छात्रसंघ अध्यक्ष रही स्वरूपी सुथार के जीवन परिचय (Biography of Swarupee Suthar) के बारे में बताने जा रहे है।
स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) का जन्म 25 जुलाई 1999 को राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमन्ना कस्बे के खरड़ गांव में हुआ था। उनके पिता जी का नाम कोजाराम सुथार हैं, जो फर्नीचर का कार्य करते है और उनकी माता जी का नाम हरिया देवी है, जो गृहणी के साथ-साथ सिलाई का काम करती हैं। स्वरूपी सुथार की एक बहन हैं, जिनका नाम मोहनी सुथार हैं, जो MBBS की तैयारी कर रही हैं। इनके दो भाई है- प्रवीण और गोविन्द। वर्तमान में चारों भाई-बहन पढ़ाई ही कर रहें हैं। चारों भाई-बहनों में स्वरूपी सुथार सबसे बड़ी हैं।
स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) की प्राथमिक शिक्षा धोरीमन्ना के खरड़ गांव की सरकारी स्कूल से हुई हैं, उसके बाद आगे की पढ़ाई उन्होंने श्री मरुधर विद्यापीठ सीनियर सेकेंडरी स्कूल धोरीमन्ना से पूरी की। साल 2018 में स्वरूपी ने उच्च शिक्षा के लिए बाड़मेर की एम बी सी राजकीय कन्या महाविद्यालय बाड़मेर में एडमिशन लिया, लेकिन स्वरूपी के पढ़ाई के लिए शहर जाने पर उनके माता-पिता को समाज के लोगों का विरोध झेलना पड़ा। एक तरफ इनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी कमजोर थी, माता-पिता ने मुश्किल से इनको बाड़मेर में एडमिशन दिलाया, लेकिन समाज ने काफी विरोध किया।
बाड़मेर में स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) ने राजकीय कन्या महाविद्यालय से बीए की पढ़ाई शुरू की, पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने विश्वकर्मा बालिका छात्रावास में वार्डन की नोकरी शुरू कर दी। वार्डन की नोकरी से मिलने वाली सैलेरी से ही स्वरूपी ने अपना खर्च चलाया और बाकी भाई-बहनों ले पढ़ाई का खर्च भी उठाना शुरू किया। प्रथम वर्ष में स्वरूपी सुथार ने क्लास मॉनिटर का चुनाव जीता, जिसके बाद उन पर सभी छात्राओं की जिम्मेदारी आ गई और उन्हें छात्रहितों के लिए आगे भी बात रखनी होती थी, इसके साथ ही स्वरूपी छात्र राजनीति से भी जुड़ गई, उन्होंने ABVP की सदस्यता ली और महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया।
1 साल में ही स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) ने कॉलेज में अपनी अलग ही पहचान बना ली, वो हर तरह के कार्यक्रम और कॉलेज में हो रहे धरना प्रदर्शन में भी शामिल होने लग गई। साल 2019 में छात्रसंघ चुनाव होने जा रहे थे, स्वरूपी सुथार की सक्रियता को देखते हुए ABVP ने उन्हें छात्रसंघ के उमीदवार घोषित किया। इस चुनाव में स्वरूपी सुथार ABVP से छात्रसंघ अध्यक्षा चुनी गई। इस प्रकार स्वरूपी सुथार बाड़मेर की राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्षा बन गई। यह क्षण उनके परिवार के लिए काफी बड़ा था, क्योंकि उनके परिवार को समाज का विरोध झेलना पड़ा था, अध्यक्षा बनने के बाद यह उन लोगों के मुहं पर करारा तमाचा था।
अध्यक्ष बनने के बाद स्वरूपी सुथार ने महाविद्यालय में लंबे समय से पड़े रिक्त पदों को भरवाया, कॉलेज में NCC की भी शुरुआत करवाई। यह कन्या महाविद्यालय यूजी के लिए संचालित हो रहा था, स्वरूपी सुथार ने छात्राओं के साथ मिलकर प्रदर्शन किया और ज्ञापन दिया, साल 2020 में इस महाविद्यालय को पीजी में परिवर्तित किया गया। 2019 के बाद लगातार 2 सालों से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए, लेकिन वर्तमान में एक सक्रिय छात्रनेता के रूप में स्वरूपी सुथार महाविद्यालय में जिम्मेदारी निभा रही हैं।
राजनीति से हटकर भी स्वरूपी सुथार (Swarupee Suthar) सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेती हैं। वो लियो क्लब बाड़मेर की भी सदस्य हैं, इस क्लब का काम कच्ची बस्तियों में रह रहे लोगों को गर्म कपड़े बांटना, उनको शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना हैं। इसके अलावा यह क्लब पौधरोपण, कोरोना में सेनेटाइजर और मास्क का वितरण भी इस क्लब ने किया हैं। स्वरूपी सुथार ने लियो क्लब के साथ मिलकर 500 पौधे लगवाने के काम भी किया हैं। स्वरूपी सुथार सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं, वो जनहित के मुद्दे सोशल मीडिया से अक्सर उठाती रहती हैं।














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Great 👍
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