भगवान सिंह चौहान (Bhagwan Singh Chouhan) वर्तमान में अजमेर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हैं, इससे पहले साल 2015-16 में भगवान सिंह चौहान महर्षि दयानंद सरस्वती विश्विद्यालय अजमेर से छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भगवान सिंह चौहान पिछले 10 सालों से NSUI संगठन में काम कर रहे हैं। आज हम भगवान सिंह चौहान के जीवन परिचय के बारे में जानेंगें।
भगवान सिंह चौहान (Bhagwan Singh Chouhan) का जन्म 12 सितंबर 1991 में राजस्थान के पाली जिले में हुआ था। भगवान सिंह चौहान के गांव का नाम धुकुलपुरा हैं, जो पाली जिले की रायपुर तहसील के अंतर्गत आता हैं। भगवान सिंह चौहान के पिता का नाम नारायण सिंह चौहान हैं, जो वर्तमान में पुलिस थानाधिकारी हैं। उनकी माता का नाम हेम कंवर हैं। भगवान सिंह चौहान 3 बहनों में एकलौते भाई हैं। भगवान सिंह चौहान एक पुलिस फैमेली से आते हैं, उनके दादा, पिता और नाना राजस्थान पुलिस में सेवा दे चुके हैं।
जन्म के 4 साल बाद भगवान सिंह चौहान अजमेर आ गए, क्योंकि इनके दादाजी और पिताजी की पोस्टिंग अजमेर में ही थी। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा अजमेर की मदर टेरेसा स्कूल में हुई। 10 वीं के बाद सांइस की पढ़ाई के लिए इन्होंने 2 साल हासबन्द मेमोरियल स्कूल अजमेर से पढ़ाई की। साल 2009 में उच्च शिक्षा के लिए भगवान सिंह चौहान ने अजमेर के राजकीय महाविद्यालय (सम्राट पृथ्वीराज चौहान महाविद्यालय अजमेर) में प्रवेश लिया।
भगवान सिंह चौहान (Bhagwan Singh Chouhan) एक पुलिसकर्मियों की फैमली से थे, इसलिए वो हमेशा से डिफेंस और पुलिस में जाना चाहते थे, इसलिए कॉलेज में भगवान सिंह चौहान ने नवल एनसीसी जॉइन की। कॉलेज में आने पर भगवान सिंह चौहान ने छात्र राजनीति में भी अपना कदम रखा, उन्होंने NSUI के साथ अपनी राजनीति शुरू की। कॉलेज में हर छोटे से छात्र आंदोलन में भी भगवान सिंह भाग लेते, उनके मित्र श्रीलाल तंवर ने छात्रसंघ चुनाव लड़ा था, जिसमें भगवान सिंह चौहान ने उनका साथ दिया और खुद भी छात्र राजनीति से पूरी तरह जुड़ गए।
राजकीय महाविद्यालय अजमेर से बीएससी करने के बाद भगवान सिंह चौहान ने आगे की पढ़ाई के लिए एमडीएस यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले लिया और पॉलिटिक्स में एमए करना शुरू कर दिया। एक साल एमए करने के बाद उनका सेलेक्शन बीएड के लिए हो गया था, इसलिए पहले उन्होंने बीएड किया और फिर वापस एमडीएस यूनिवर्सिटी से एमए शुरू किया। इस बीच लगातार भगवान सिंह चौहान छात्र राजनीति से जुड़े रहे। वो हर छोटे से आंदोलन में भाग लेते। वो उस समय यूनिवर्सिटी में एक सक्रिय छात्रनेता के रूप में उभर गए।
साल 2014 में भगवान सिंह चौहान (Bhagwan Singh Chouhan) ने एमडीएस यूनिवर्सिटी से छात्रसंघ चुनाव के लिए तैयारी करना शुरू किया, लेकिन संगठन ने उनके दूसरे साथी को चुनाव लड़वाया और अगले साल 2015 में भगवान सिंह चौहान को NSUI ने छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव के लिए टिकट दिया। भगवान सिंह चौहान ने पूरे दमखम के साथ यह चुनाव लड़ा और इस चुनाव जीत दर्ज की। भगवान सिंह चौहान ने यूनिवर्सिटी अध्यक्ष बनने के बाद स्कॉलरशिप के लिए एक आंदोलन किया, जिसमें उन्हें अंत मे सफलता मिली। इसके अलावा लेब टेक्नीशियन और यूनिवर्सिटी में सीटों को लेकर भी इन्होंने आंदोलन और धरना प्रदर्शन किया, जिसमें वो सफल हुए।
साल 2016 के बाद भगवान सिंह चौहान (Bhagwan Singh Chouhan) ने एमडीएस यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई शुरू की और यूनिवर्सिटी में ही छात्रहितों के लिए लगातार संघर्ष किया। साल 2013 से लेकर साल 2016 तक महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में हर बार NSUI ने अपना परचम लहराया था, जिसमें भी भगवान सिंह चौहान का अहम योगदान रहा था। इसके बाद भगवान सिंह चौहान 2016 से लेकर साल 2021 तक NSUI संगठन में बिना किसी पद के ही काम करते रहे।
जुलाई 2021 में NSUI ने भगवान सिंह चौहान को अजमेर जिले के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी, वर्तमान में भगवान सिंह चौहान इसी पद पर हैं और NSUI संगठन के लिए काम कर रहे हैं। भगवान सिंह चौहान राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को अपना आदर्श मानते हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों के मध्यनजर रखते हुए भगवान सिंह ब्यावर और जैतारण विधानसभा में भी लगातार सेवा कार्य कर रह हैं। भगवान सिंह चौहान के बारे में अन्य जानकारियां हमने नीचे दी हैं-



























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