रविन्द्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) राजस्थान के दूसरे सबसे बड़े विश्वविद्यालय जय नारायण व्यास विश्विद्यालय जोधपुर के छात्र संघ अध्यक्ष हैं। रविन्द्र सिंह जेएनयू जोधपुर के पहले निर्दलीय छात्र संघ अध्यक्ष हैं, पिछले 60 सालों में इस यूनिवर्सिटी से कोई भी छात्रसंघ अध्यक्ष निर्दलीय नहीं चुना जा सका, लेकिन रविंद्र सिंह भाटी ने निर्दलीय चुनाव जीत कर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया हैं। रविंद्र सिंह भाटी वर्तमान में राजस्थान के सबसे ज्यादा पॉपुलर और चर्चित छात्रसंघ अध्यक्ष हैं। आज राजस्थान के अधिंकाश युवा रविंद्र भाटी के नाम से परिचित हैं।
हर कोई आज रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) के बारे में जानना चाहता हैं, आज हम इस लेख में रविंद्र सिंह भाटी के बारे में सभी जानकारियां देंगें। रविंद्र सिंह भाटी के जन्म, परिवार, शिक्षा, गांव से लेकर हर एक जानकारी हम आज इस लेख में आपको देने जा रहे हैं।
रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) का जन्म 3 दिसम्बर 1990 को राजस्थान के बाड़मेर जिले में हुआ था। वर्तमान में रविंद्र सिंह भाटी 31 साल के हो गए हैं। रविंद्र सिंह भाटी का गांव दूधोडा हैं, जो बाड़मेर की हरसानी पंचायत समिति के अंर्तगत आता हैं। इनके पिता का नाम शैतान सिंह भाटी हैं, जबकि इनकी माता का नाम अशोक कंवर हैं। इनके पिता एक अध्यापक हैं, जबकि माता एक गृहणी हैं। रविंद्र सिंह विवाहित हैं, इनकी शादी धनिष्ठा कंवर के साथ हुई हैं।
रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) की प्रारंभिक शिक्षा हरसानी के आदर्श विद्या मंदिर स्कूल से हुई हैं, जबकि आगे की शिक्षा इन्होंने बाड़मेर की मयूर नोबल्स एकेडमी से की हैं। उच्च शिक्षा के लिए रविन्द्र सिंह भाटी ने मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, जहां से उन्होंने BAकिया, इसके बाद उन्होंने साल 2015 में जोधपुर की जय नारायण यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया और LLB की पढ़ाई शुरू की। जोधपुर की JNVU में आने के बाद रविन्द्र सिंह भाटी ने छात्र राजनीति में भी कदम रख दिया।
रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) ने साल 2016 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की, उन्होंने उसी साल जीते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष कुणाल सिंह भाटी के साथ मिलकर छात्र हितों की लड़ाई लड़ना शुरू कर दिया। कुणाल सिंह भाटी इनके घनिष्ट मित्र भी हैं, जिसके कारण रविंद्र सिंह हमेशा कुणाल सिंह भाटी के साथ ही दिखाई देते थे। यूनिवर्सिटी के हर धरना प्रदर्शन में रविंद्र सिंह भाटी भी नजर आते। कुणाल सिंह ABVP से जीते हुए छात्रसंघ अध्यक्ष थे, इसलिए रविन्द्र सिंह भाटी भी ABVP में आ गए और इस पार्टी के बैनर तले अपनी राजनीति को आगे बढ़ाते रहे।
रविन्द्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) ने यूनिवर्सिटी में हर छात्र की समस्या को जाना और समस्याओं के निदान के लिए वो कई धरना प्रदर्शनों में शामिल भी होते। साल 2016 से लेकर 2018 तक 3 सालों में रविन्द्र सिंह भाटी यूनिवर्सिटी के एक सक्रिय छात्र नेता बनकर उभरे, जो हर दम यूनिवर्सिटी में छात्रों के काम के लिए हाजिर हो। रविंद्र सिंह भाटी की सबसे खास बात उनकी भाषा शैली थी, क्योंकि वो हमेशा मारवाड़ी में ही बात करते, जो छात्रों को काफी पसंद भी थी। इस तरह 3 सालों में रविन्द्र सिंह भाटी यूनिवर्सिटी के हर छात्र-छात्रा की नजरों में आ गए।
जब साल 2019 में छात्रसंघ चुनाव हो रहे थे, तब रविंद्र सिंह भाटी के साथियों ने उन्हें चुनाव लड़ने को कहा। रविंद्र सिंह भाटी के साथ यूनिवर्सिटी के काफी छात्र-छात्राएं थी। रविंद्र सिंह भाटी ने ABVP से अपनी दावेदारी पेश की, लेकिन ABVP ने रविन्द्र सिंह भाटी को टिकट नहीं दिया।
रविंद्र सिंह भाटी (Ravindra Singh Bhati) को टिकट नहीं मिली, तो उन्होंने एक बड़ी सभा का आयोजन किया और सभी की सहमति से उन्होंने छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय ही ताल ठोक दी। जोधपुर विश्विद्यालय का इतिहास रहा था कि तब तक कोई भी निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष नहीं बना टी सभी ने यह ही समझा कि रविंद्र सिंह भाटी किसी भी हालत में इस यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष नहीं बन सकते, लेकिन लोगों की मिथ्या यहां गलत साबित हुई।
सभी समाज के लोगों ने रविन्द्र सिंह भाटी का बढ़चढ़ कर साथ दिया और खुद रविंद्र सिंह भाटी हमेशा जातिवाद से ऊँपर उठकर ही काम करते आए हैं, जिसके परिणामस्वरूप रविन्द्र सिंह भाटी ने इसी यूनिवर्सिटी से 1294 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जो यूनिवर्सिटी का एक नया रिकॉर्ड बन गया और यूनिवर्सिटी को पहला निर्दलीय छात्रसंघ अध्यक्ष मिल गया। इस चुनाव में ABVP तीसरे नम्बर पर चली गई, जबकि NSUI यूनिवर्सिटी में हैट्रिक लगाने से चूक गई।
रविन्द्र सिंह भाटी ने छात्रसंघ अध्यक्ष बनने के बाद उसी अपने देशी अंदाज में काम करना शुरू कर दिया। कई बार वो यूनिवर्सिटी प्रशासन व कुलपति से आमने-सामने भिड़ते हुए भी दिखाई दिए, इसके कई वीडियो आज भी सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। रविन्द्र सिंह भाटी के पहले ऐसे कोई भी छात्रसंघ अध्यक्ष करता हुआ दिखाई नहीं दिया। अनेकों बार रविंद्र सिंह ने छात्रों की पढ़ाई को लेकर, यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर आंदोलन किए, हर आंदोलन में उनको सफलता ही मिली
साल 2020 और 2021 में छात्रसंघ अध्यक्ष के चुनाव नहीं हुए, जिसके कारण रविंद्र सिंह भाटी पर 3 सालों की जिम्मेदारी हैं। रविंद्र सिंह भाटी ने साल 2020 में भी यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई हैं, वहीं साल 2021 में भी रविंद्र सिंह भाटी यूनिवर्सिटी अध्यक्ष की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
रविन्द्र सिंह भाटी ने सबसे बड़ा आंदोलन अगस्त-सितंबर 2021 में किया हैं। पिछले 2 सालों से कोरोना के कारण यूनिवर्सिटी-कॉलेज और स्कूल खुले भी नहीं, लेकिन अभिभावकों से फीस ली गई थी और न ही परीक्षा हुई लेकिन परीक्षा फीस ली, इसलिए यह दोनो तरह की फीस माफी के लिए रविन्द्र सिंह भाटी ने प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया। रविंद्र सिंह भाटी ने राजस्थान के सभी संभागों, जिलों और तहसील में जाकर यह आंदोलन किया और 13 सितंबर को जयपुर में विधानसभा घेराव किया, जो अब तक सबसे बड़ा छात्रसंघ आंदोलन साबित हुआ।
विधानसभा घेराव उन्होंने 10 सूत्री मांगों को लेकर किया, जिसमें पूरे प्रदेश से हजारों छात्र इकट्ठे हुए। हर पार्टी के छात्रों ने रविन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव, जिसके आगे राजस्थान सरकार झुक गई और छात्रों की समस्याओं का निदान करने का वादा भी किया। इस आंदोलन के बाद रविंद्र सिंह भाटी की पॉपुलैरिटी बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान के हर क्षेत्र में एक छात्रनेता के तौर पर छा गए हैं।
इस आंदोलन की वजह से रविंद्र सिंह भाटी पश्चिमी राजस्थान के सबसे उभरते हुए युवा नेता के तौर पर सामने आए हैं। राजस्थान के कई युवा यही कयास लगा रहे हैं कि रविंद्र सिंग भाटी साल 2023 में विधानसभा में आसानी से पहुंच जाएंगे, युवा उनको चुनाव लड़ने की सलाह भी दे रहे हैं। इसी यूनिवर्सिटी से कई नेता आज बड़े बड़े पदों पर है। सीएम अशोक गहलोत, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी, बाबू सिंह राठौड़ सहित कई ऐसे नेता हैं, जो इसी यूनिवर्सिटी के छात्र नेता रहे हैं। इसी आधार पर यही कयास लगाए जा रहे हैं कि रविन्द्र सिंह भाटी आगे जाकर एक बड़े राजनेता बनेंगें।
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रविंद्र सिंह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं, उनके फॉलोवर की संख्या भी लाखों में हैं। रविन्द्र सिंह भाटी के फेसबुक पेज पर 4 लाख फॉलोवर हैं और उनका फेसबुक पेज भी वेरिफाइड हैं। उनके इंस्टाग्राम पर भी लाख फॉलोवर हैं, वहीं ट्विटर पर भी फॉलोवर हैं। रविंद्र सिंह भाटी के बारे में मुख्य जानकारियां हम नीचे सारणी में दे रहे हैं।














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